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????जनपद पंचायत चीचली अंतर्गत ग्राम पंचायत नरसरा में सामुदायिक भवन मरम्मत के ₹3.25 लाख भुगतान पर उठे सवाल

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नरसरा पंचायत में ₹3.25 लाख के काम पर सवाल: एक ही दिन चार बिलों से भुगतान का मामला सामने आया



???? 17 मई 2026 | ???? नरसिंहपुर | SMP24News.com
???? ग्राम पंचायत नरसरा | जनपद पंचायत चीचली | जिला नरसिंहपुर

???? नरसरा पंचायत में सरपंच-सचिव की मनमानी? ₹3.25 लाख के काम में चार बिलों ने खड़े किए सवाल

सामुदायिक भवन मरम्मत कार्य के भुगतान रिकॉर्ड में दिखीं कई समानताएं, पंचायत दर्पण पोर्टल की जानकारी के आधार पर उठे सवाल

नरसिंहपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत नरसरा में सामुदायिक भवन मरम्मत कार्य से जुड़ा एक मामला अब चर्चा का विषय बनता दिखाई दे रहा है। पंचायत दर्पण / मेरी पंचायत पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी और सामने आए भुगतान विवरणों के आधार पर यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या लगभग ₹3.25 lakh लागत वाले कार्य का भुगतान अलग-अलग हिस्सों में किया गया।

रिकॉर्ड के अनुसार “सामुदायिक भवन मरम्मत” कार्य का कार्य आईडी 101218467 बताया जा रहा है। यह कार्य पांचवें राज्य वित्त आयोग योजना के अंतर्गत दर्ज है तथा इसकी कुल लागत लगभग ₹3,25,000 दिखाई दे रही है। पोर्टल पर कार्य की स्थिति “पूर्ण” दर्ज बताई गई है।

???? चार बिलों ने बढ़ाए सवाल

मामले में सामने आए भुगतान रिकॉर्ड के अनुसार इसी कार्य से जुड़े चार अलग-अलग बिलों का उल्लेख किया जा रहा है। इन बिलों की राशि लगभग समान दिखाई दे रही है।

???? सामने आई भुगतान राशियां

▪️ ₹79,000

▪️ ₹82,300

▪️ ₹83,800

▪️ ₹79,900

???? कुल राशि लगभग ₹3.25 लाख के आसपास

इन राशियों को जोड़ने पर कुल भुगतान लगभग उसी लागत के बराबर बैठता दिखाई दे रहा है, जो पंचायत रिकॉर्ड में कार्य की कुल स्वीकृत लागत के रूप में दर्ज है। यही कारण है कि अब स्थानीय स्तर पर यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या पूरे भुगतान को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित कर जारी किया गया।

???? “Bill Splitting” जैसी आशंका क्यों उठ रही

वित्तीय प्रक्रिया से जुड़े जानकारों के अनुसार यदि किसी एक कार्य के लिए लगभग समान राशि के कई छोटे बिल बनाए जाएं और भुगतान भी एक ही दिन अथवा सीमित अवधि में हो, तो ऐसे मामलों में “Bill Splitting” जैसे बिंदुओं की जांच की जाती है।

हालांकि अभी तक किसी सक्षम जांच एजेंसी अथवा विभागीय स्तर पर इस मामले में कोई आधिकारिक निष्कर्ष सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन रिकॉर्ड में दिखाई दे रहे भुगतान पैटर्न ने कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।

⚠️ जांच के प्रमुख बिंदु

▪️ क्या पूरा कार्य एक ही कार्यादेश के अंतर्गत था?

▪️ अलग-अलग छोटे बिल क्यों बनाए गए?

▪️ क्या सभी भुगतान एक ही दिन किए गए?

▪️ क्या सामग्री सप्लाई का रिकॉर्ड उपलब्ध है?

▪️ क्या Measurement Book (MB) तैयार की गई?

???? सामग्री और रिकॉर्ड पर भी सवाल

सूत्रों से प्राप्त दस्तावेजीय जानकारी के अनुसार कुछ बिलों में वाहन नंबर, सामग्री सप्लाई स्थान अथवा प्राप्तकर्ता हस्ताक्षर जैसे विवरण स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं बताए जा रहे हैं। ऐसे में अब यह सवाल भी उठ रहा है कि सामग्री की वास्तविक आपूर्ति और उपयोग का रिकॉर्ड किस प्रकार संधारित किया गया।

प्रशासनिक प्रक्रिया के जानकार बताते हैं कि पंचायत स्तर पर निर्माण अथवा मरम्मत कार्यों में सामान्यतः सामग्री उपयोग, माप पुस्तिका (MB), तकनीकी सत्यापन और भुगतान रिकॉर्ड महत्वपूर्ण दस्तावेज माने जाते हैं।

यदि किसी मामले में इन रिकॉर्ड्स में विसंगति पाई जाती है, तो भविष्य में विभागीय परीक्षण अथवा ऑडिट आपत्ति की स्थिति भी बन सकती है।

???? पंचायत दर्पण पोर्टल पर क्या जानकारी

मेरी पंचायत / पंचायत दर्पण पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत नरसरा में वर्तमान में सतीश कौरव सरपंच एवं आदित्य शर्मा सचिव के रूप में दर्ज बताए गए हैं।

पंचायत स्तर पर होने वाले विकास कार्यों और भुगतान प्रक्रियाओं में पंचायत प्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों की महत्वपूर्ण प्रशासनिक भूमिका होती है। हालांकि इस मामले में अभी तक किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत जिम्मेदारी अथवा दोष आधिकारिक रूप से तय नहीं किया गया है।

???? अब आगे क्या?

फिलहाल यह मामला सार्वजनिक रिकॉर्ड और भुगतान पैटर्न के आधार पर चर्चा में आया है। यदि आगे और दस्तावेज, MB रिकॉर्ड, GST विवरण अथवा तकनीकी जानकारी सामने आती है, तो मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच की मांग उठ सकती है।

स्थानीय स्तर पर अब यह चर्चा भी तेज हो गई है कि क्या संबंधित विभाग इस मामले की तकनीकी जांच कराएगा अथवा पंचायत रिकॉर्ड का परीक्षण किया जाएगा।

⚖️ Disclaimer :

यह समाचार पंचायत दर्पण / मेरी पंचायत पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड, भुगतान विवरण एवं स्थानीय स्तर पर प्राप्त दस्तावेजीय जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। समाचार का उद्देश्य सार्वजनिक रिकॉर्ड से जुड़े तथ्यों और उठ रहे सवालों को पाठकों तक पहुंचाना है। किसी भी व्यक्ति, जनप्रतिनिधि अथवा अधिकारी को दोषी घोषित करना इस समाचार का उद्देश्य नहीं है। मामले में सक्षम जांच अथवा विभागीय परीक्षण के बाद ही अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। यदि संबंधित पक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत करना चाहता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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???? यह SMP24News.com की विशेष पंचायत जांच श्रृंखला की पहली रिपोर्ट है। आगामी भागों में रिकॉर्ड, MB, GST और भुगतान प्रक्रिया से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जाएगी।

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