???? मेरिट में आगे… फिर भी नहीं मिली नौकरी! हाईकोर्ट ने नरसिंहपुर काउंसलर भर्ती प्रक्रिया पर उठाए सवाल
नरसिंहपुर जिले में काउंसलर पद पर हुई भर्ती प्रक्रिया को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। अदालत ने चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं और इंटरव्यू पैनल से जुड़े सवालों को गंभीर मानते हुए पूर्व चयन प्रक्रिया एवं संबंधित आदेशों को निरस्त कर पुनः इंटरव्यू प्रक्रिया कराने के निर्देश दिए हैं।
यह मामला मध्यप्रदेश हाईकोर्ट जबलपुर में दायर रिट याचिका क्रमांक 11877/2024 से जुड़ा है। याचिकाकर्ता श्रीमती मनीषा पटेल ने अदालत में आरोप लगाया था कि नरसिंहपुर में काउंसलर पद पर हुई भर्ती प्रक्रिया नियमों के अनुरूप नहीं हुई तथा इंटरव्यू प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएँ थीं।
मामले की सुनवाई माननीय न्यायमूर्ति विशाल धगत की एकलपीठ में हुई। रिकॉर्ड का परीक्षण करने के बाद अदालत ने 07 मार्च 2022 से संबंधित चयन प्रक्रिया एवं आदेशों को निरस्त करते हुए नया इंटरव्यू बोर्ड गठित कर पुनः चयन प्रक्रिया कराने के निर्देश दिए।
???? क्या था पूरा मामला
राज्य एड्स नियंत्रण समिति एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत नरसिंहपुर जिले में काउंसलर पद के लिए भर्ती निकाली गई थी। इसमें कुल दो पद शामिल थे, जिनमें एक पद अनारक्षित तथा दूसरा OBC वर्ग के लिए आरक्षित था।
याचिकाकर्ता मनीषा पटेल का दावा था कि वे मेरिट में बेहतर स्थिति में थीं, लेकिन इसके बावजूद उनका चयन नहीं किया गया। उन्होंने अदालत में कहा कि इंटरव्यू प्रक्रिया पारदर्शी नहीं थी तथा नियमों का पालन नहीं किया गया।
???? मेरिट और चयन को लेकर क्या कहा गया
अदालत में प्रस्तुत रिकॉर्ड के अनुसार प्रारंभिक मेरिट में मनीषा पटेल को 21.83 अंक प्राप्त हुए थे, जबकि प्रतिवादी क्रमांक 5 रूबीना मंसूरी को 20.75 अंक मिले थे।
इंटरव्यू के बाद भी रिकॉर्ड में मनीषा पटेल को 34.8 अंक तथा रूबीना मंसूरी को 30.7 अंक दर्शाए गए। इसके बावजूद अंतिम चयन सूची में अन्य उम्मीदवारों का चयन किया गया, जिसे लेकर अदालत में सवाल उठाए गए।
???? इंटरव्यू पैनल पर उठे सवाल
याचिका में सबसे गंभीर आरोप इंटरव्यू पैनल को लेकर लगाए गए। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि इंटरव्यू बोर्ड के अधिकृत सदस्य धीरज यादव निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं थे और उनकी जगह किसी अन्य अधिकारी को इंटरव्यू प्रक्रिया में शामिल किया गया।
इसके अलावा डॉ. वंदना जैन की उपस्थिति को लेकर भी सवाल उठे। रिकॉर्ड में उनके नाम के सामने “DL” अंकित होने को लेकर याचिकाकर्ता ने उनकी उपस्थिति पर संदेह जताया।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यदि इंटरव्यू पैनल का अधिकृत सदस्य अनुपस्थित था, तो उसकी जगह किसी अन्य व्यक्ति का बैठना चयन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।
???? कोर्ट ने क्या कहा
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि रिकॉर्ड से चयन प्रक्रिया पर संदेह उत्पन्न होता है तथा चयन प्रक्रिया दोषपूर्ण प्रतीत होती है।
अदालत ने पूर्व चयन प्रक्रिया एवं संबंधित आदेशों को निरस्त करते हुए नया इंटरव्यू बोर्ड गठित कर पात्र उम्मीदवारों को पुनः इंटरव्यू के लिए बुलाने के निर्देश दिए।
???? हाईकोर्ट के प्रमुख निर्देश
▪️ 07 मार्च 2022 की चयन प्रक्रिया एवं संबंधित आदेश निरस्त
▪️ नया इंटरव्यू बोर्ड गठित करने के निर्देश
▪️ पात्र उम्मीदवारों को पुनः इंटरव्यू हेतु बुलाने के निर्देश
▪️ नई मेरिट सूची तैयार करने के निर्देश
???? आदेश के बाद भी कार्रवाई नहीं?
काउंसलर भर्ती विवाद मामले में हाईकोर्ट द्वारा आदेश पारित किए जाने के बाद भी अब तक विभागीय स्तर पर नई प्रक्रिया शुरू नहीं होने का मामला सामने आया है।
याचिकाकर्ता मनीषा पटेल ने 23 अप्रैल 2026 को CMHO नरसिंहपुर को आवेदन देकर न्यायालय के आदेश का शीघ्र पालन कराने की मांग की है। आवेदन में कहा गया है कि अदालत द्वारा पुनः इंटरव्यू प्रक्रिया कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है।
आवेदन के साथ हाईकोर्ट आदेश की सत्यप्रतिलिपि भी संलग्न की गई है।
हालांकि, मामले से जुड़े पक्षों के अनुसार चयनित उम्मीदवारों द्वारा न्यायालय के आदेश के विरुद्ध आगे कानूनी विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।
???? CMHO से संपर्क का प्रयास
इस मामले में पक्ष जानने के लिए SMP24News.com द्वारा नरसिंहपुर CMHO से संपर्क करने का प्रयास किया गया। समाचार प्रकाशित किए जाने तक उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी।





